लखनऊ (जेएनएन)। देश के सबसे बड़े प्रदेश की कमान संभाल रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को बेहद बेबस दिखे। समाजवादी कुनबे की कलह को ठंडा करने के लिए पार्टी मुख्यालय में बुलायी गयी बैठक में भावुक अखिलेश ने रुंधे गले से कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह ) मेरे पिता और गुरु भी हैं। मैं क्यों नई पार्टी बनाऊं? पार्टी सौ प्रतिशत नेताजी की है, मैं कुछ नहीं हूं। नेताजी कहें तो अभी इस्तीफा दे सकता हूं। फिर आक्रोश में कहा कि मेरे और परिवार के खिलाफ साजिश हो रही है तो मैं कार्रवाई जरूर करूंगा।
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इतना सब कुछ कहने के बाद भी अखिलेश को न मुलायम और न ही शिवपाल का साथ मिलता दिखा। दोनों ने ही अखिलेश के तमाम फैसलों और कार्यशैली पर सवाल उठाए। यहां तक की मुलायम की मौजूदगी में ही मंच पर शिवपाल और अखिलेश भिड़ गए। मंच पर मारपीट होने पर अखिलेश व मुलायम बीच में ही उठकर चले गए। शिवपाल व अखिलेश समर्थकों में दिनभर हंगामा और नारेबाजी का दौर चलता रहा। ऐसे में समाजवादी कुनबे की लड़ाई निपटने के बजाए फिलहाल और भड़कती ही दिख रही है।
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी मुख्यालय में छोटे-बड़े पार्टी पदाधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की बुलायी गयी पंचायत में आपस में शिकवे-शिकायत, आरोप-प्रत्यारोप, डांट-फटकार के साथ तीन घंटे तक इमोशनल ड्रामा भी चला, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। समाजवादी कुनबे का मुखिया होने के नाते मुलायम ने आपस में लड़ रहे चाचा-भतीजे को समझाने की हर संभव कोशिश की। मुख्यमंत्री अखिलेश को फटकारा भी और पार्टी को शिखर तक पहुंचाने में शिवपाल के योगदान को बताते हुए अमर सिंह की अहमियत भी जता दी। करीब 40 मिनट के भाषण में मुलायम ने मुख्यमंत्री की उन तमाम शिकायतों को भी खारिज किया जो उन्होंने अपने भाषण में गिनाईं थीं। मुलायम ने नसीहत दी कि अमर सिंह ने ही मुझे और तुमको सजा से बचाया, तुम गाली देते हो, उसने मेरी मदद की। अमर सिंह भाई है, अहसान फरामोश मत बनो।
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हंगामा कर रहे अखिलेश समर्थकों को मुलायम ने कई बार डांटा, कहा-एक लाठी नहीं झेल पाओगे। हम चापलूसी पसंद नहीं करते, समाजवादी पार्टी टूट नहीं सकती है। पद मिलते ही कुछ लोगों का दिमाग खराब हो गया है। अकेले चुनाव जीत सकते हो, तुम्हारी हैसियत क्या है? मैं अमर सिंह व शिवपाल को नहीं छोड़ सकता। मुलायम ने कहा कि मोदी से सीखो, प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने मां को नहीं छोड़ा।
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शिवपाल का दर्द फूटा
शिवपाल ने मुख्यमंत्री द्वारा लगाए आरोपों पर पलटवार करते अपना दर्द भी जाहिर किया। उनका कहना था कि बार-बार बेइज्जत करने पर भी उन्होंने सरकार और पार्टी को मजबूत करने में कमी नहीं छोड़ी। शिवपाल ने अपने इकलौते बेटे की कसम और गंगा जल हाथ में लेने की बात कहते हुए बताया, 'अखिलेश ने अलग पार्टी बनाने व अन्य दलों से गठजोड़ करके चुनाव लडऩे की बात कही थी। शिवपाल के इस कथन का अखिलेश ने खंडन भी नहीं किया अपितु समर्थकों ने जरूर नारेबाजी की।
एकता की कोशिश पर पानी
अंत में मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल को मिलवाया। इससे पहले मंच पर ही जन्मदिन का आशीर्वाद लेने को मुख्यमंत्री ने पिता मुलायम सिंह व चाचा शिवपाल के पैर भी छुए, लेकिन बात नहीं बन सकी। अखिलेश ने चाचा से कहा कि आप अमर सिंह से मिल कर मेरे खिलाफ झूठी खबरें छपवाते हो। अखिलेश यहीं नहीं ठहरे, एक अंग्रेजी अखबार का नाम लेते हुए कहा कि मुझे औरंगजेब बताने की कोशिश की गयी। सच जानना चाहते हो तो एमएलसी आशु मलिक को बुलाकर पूछ लें। इस पर शिवपाल ने मुख्यमंत्री से माइक छीना और दोनों में नोकझोंक व धक्कामुक्की हुई। अखिलेश नाराजगी जताते हुए चले गए और मुलायम ने भी माहौल बिगड़ता देख चले जाना मुनासिब समझा। उधर, अखिलेश समर्थकों ने आशु मलिक को दौड़ा लिया। बैठक बेनतीजा खत्म होने और तनातनी की सूचना बाहर मिलते ही अखिलेश व शिवपाल समर्थक आपस में भिड़ गए और काबू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
शिवपाल का दर्द फूटा
शिवपाल ने मुख्यमंत्री द्वारा लगाए आरोपों पर पलटवार करते अपना दर्द भी जाहिर किया। उनका कहना था कि बार-बार बेइज्जत करने पर भी उन्होंने सरकार और पार्टी को मजबूत करने में कमी नहीं छोड़ी। शिवपाल ने अपने इकलौते बेटे की कसम और गंगा जल हाथ में लेने की बात कहते हुए बताया, 'अखिलेश ने अलग पार्टी बनाने व अन्य दलों से गठजोड़ करके चुनाव लडऩे की बात कही थी। शिवपाल के इस कथन का अखिलेश ने खंडन भी नहीं किया अपितु समर्थकों ने जरूर नारेबाजी की।
एकता की कोशिश पर पानी
अंत में मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल को मिलवाया। इससे पहले मंच पर ही जन्मदिन का आशीर्वाद लेने को मुख्यमंत्री ने पिता मुलायम सिंह व चाचा शिवपाल के पैर भी छुए, लेकिन बात नहीं बन सकी। अखिलेश ने चाचा से कहा कि आप अमर सिंह से मिल कर मेरे खिलाफ झूठी खबरें छपवाते हो। अखिलेश यहीं नहीं ठहरे, एक अंग्रेजी अखबार का नाम लेते हुए कहा कि मुझे औरंगजेब बताने की कोशिश की गयी। सच जानना चाहते हो तो एमएलसी आशु मलिक को बुलाकर पूछ लें। इस पर शिवपाल ने मुख्यमंत्री से माइक छीना और दोनों में नोकझोंक व धक्कामुक्की हुई। अखिलेश नाराजगी जताते हुए चले गए और मुलायम ने भी माहौल बिगड़ता देख चले जाना मुनासिब समझा। उधर, अखिलेश समर्थकों ने आशु मलिक को दौड़ा लिया। बैठक बेनतीजा खत्म होने और तनातनी की सूचना बाहर मिलते ही अखिलेश व शिवपाल समर्थक आपस में भिड़ गए और काबू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

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