नई दिल्ली। सरकार के बड़े नोट को बंद करने के फैसले से कंजंप्शन स्टोरी को धक्का और ट्रंप की बढ़त से दुनियाभर के शेयर बाजर में छाई बिकवाली। यही दो कारण हैं जिनकी वजह से भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपए डूब गए। बाजार की इस गिरावट से जुड़े आकंड़ों को गहराई से पढ़ें तो पता चलता है कि इस गिरावट का असर और गहरा है। अपनी इस खबर में हम शेयर बाजार के से जुड़े ऐसे फैक्ट्स बता रहे हैं जो आपके लिए चौंकाने वाले होंगे।
भारतीय शेयर बाजार
शेयर बाजार के खुलते ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1000 अंक टूट गया। वहीं निफ्टी में भी 2.58 फीसदी तक गिरवाट देखने को मिल रही है। निफ्टी 216 अंकों की कमजोरी के साथ 8,326.10 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
निवेशकों के डूब गए 7 लाख करोड़ रुपए
स्टॉक मार्केट खुलते ही निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपए डूब गए हैं। मंगलवार को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कैप 111.44 लाख करोड़ रुपए पर था। बाजार के खुलते ही ये आंकड़ा 104.35 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर आ गया।
रुपए में गिरावट
अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की जीत की संभावना से रुपए में कमजोरी आई। बुधवार के कारोबारी सत्र में डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 18 पैसे लुढ़क कर 66.80 पर खुला है। आप को बता दें कि मंगलवार के कारोबारी सत्र में रुपया एक महीने के उच्चतम स्तर 66.62 पर बंद हुआ था।
रियल्टी रहा टॉप लूजर
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 13.02 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिल रही है। अन्य सेक्टर्स की बात करें तो मेटल (4.13 फीसदी), ऑटो (3.75 फीसदी), फाइनेंशियल सर्विस (2.98 फीसदी) और एफएमसीजी (2.70 फीसदी) में कमजोरी देखने को मिल रही है।
बीएसई पर एडवांस डिक्लाइन रेश्यो
बीएसई पर एडवांस डिक्लाइन रेश्यो में 1915 शेयरों में गिरावट 124 में बढ़त देखने को मिल रही है। कुल 2,252 कंपनियों में ट्रेड हुआ जिसमें 1915 शेयरों में कमजोरी और 158 में तेजी हुई है। इनमें से 62 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
कुल 164 शेयरों में लोअर सर्किट लगा
लोअल सर्किट यानि एक्सचेंज की ओर से शेयर की अपर और लोअर सर्किट की लिमिट तय की जाती है। यह 5, 10 और 20 फीसदी की होती है, जो अलग अलग कंपनियों के ट्रेडिंग पैटर्न के हिसाब से एक्सचेंज तय करता है। सर्किट लिमिट लगाने के पीछे मंशा निवेशकों को भारी नुकसान से बचाने की होती है। किसी भी कंपनी के शेयर में सर्किट लग जाने के बाद एक्सचेंज की ओर से उस शेयर में ट्रेडिंग बंद कर दी जाती है।
150 से ज्यादा शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर
छोटे बड़े 150 से ज्यादा शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर आ गए। इनमें बड़े नाम एबीबी, अदानीएंटरप्राइज, बालाजी टेलि, वोक फार्मा और विप्रो शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का हाल
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के शुरूआती एक्जिट पोल में ट्रंप की बढ़त से दुनियाभर के शेयर बाजार सहम गए। तमाम एशियाई शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। चीन के प्रमुख सूचकांक हैंगसेंग में (3.36 फीसदी) और शांघाई (1.27 फीसदी) की कमजोरी देखने को मिली। सुबह सिंगापुर निफ्टी 3.30 फीसदी से ज्यादा टूट गया था। वहीं, मैक्सिकन मुद्रा ने अपना ऑल टाइम लो छुआ है।
सोने चांदी में उछाल
जहां एक ओर भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है वहीं दूसरी ओर मल्टी स्टॉक एक्सचेंज पर सोने की कीमतों में 3.88 फीसदी और चांदी में 2.59 फीसदी का उछाल देखने को मिल रहा है।

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