नई दिल्ली। कांग्रेस ने आज रात 500 और 1000 रुपए के नोटों का चलन बंद करने के सरकार के ‘‘अचानक’’ किए गए फैसले पर कई सवाल खड़े किए और चिंता व्यक्त की है कि यह कारोबारियों, छोटे व्यापारियों और गृहणियों के लिए बहुत समस्याएं पैदा करेगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने हालांकि स्पष्ट किया कि पार्टी हमेशा काले धन के मुद्दे पर ‘‘अर्थपूर्ण, स्पष्ट और सटीक’’ कदमों का समर्थन करेगी।
यहां आपको बताते चलें कि कांग्रेस सरकारों ने ही बड़े नोट चलन में लाये जबकि जनता पार्टी की पहली और आखरी मोरारजी सरकार ने मोदी की तरह ही 1978 में 1000 के नोट बंद कर दिए थे।तब भी कांग्रेस पार्टी ने बड़ी हायतौबा मचाई थी।
सुरजेवाला ने यह भी सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री विदेश में जमा 80 लाख करोड़ रुपए काला धन लाने में उनकी ‘‘नाकामी’’ को ढकने के लिए ही इस योजना को लाए हैं। उधर, कोलकाता से मिली खबर के मुताबिक, इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस और माकपा ने कहा कि इस फैसले का मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों की वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर होगा।
माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि हम हमेशा काले धन के मुद्दे के समर्थन में हैं। लेकिन इस मुद्दे पर ढाई साल की चुप्पी के बाद केन्द्र ने अचानक 500 और 1000 रुपए के नोट हटाने का अचानक फैसला किया। यह बेहूदा है। यह फैसला छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग पर बड़ा असर डालेगा।

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