जागरण संवाददाता, ऊना : ऊना जिला के धमांदरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़साला में 52 मेमने जल गए। जंगल की आग में दो परिवारों की भेड़-बकरियों के मेमने आग की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। आगजनी की इस घटना में पीड़ित परिवारों का लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। अभी तक आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मंगलवार को उत्तम चंद पुत्र जैसी राम निवासी मोतला डाकघर दुलारा तहसील सिहुंता जिला चंबा अपने भाई के साथ ऊना के बड़साला में गत दिन बाड़े में मेमनों को छोड़कर भेड़-बकरियों को नजदीकी जंगल में चराने गए थे। सायं के समय वापस आने पर उन्होंने पाया कि उनका बाड़ा आग की लपटों से घिरा था। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया। उनके शोर को सुनकर स्थानीय लोग भी वहां आ गए। जब तक आग पर काबू पाते तब तक मेमनों सहित बाड़ा पूरी तरह राख हो गया था। दिन में हुई वारदात के समय कोई भी वहां नहीं था। उधर, ग्राम पंचायत बड़साला प्रधान सुरेश कुमार बांका ने कहा कि आग चंबा के मूल निवासी दो परिवारों के लिए भारी मुसीबत साबित हुई है। इससे एक ओर दोनों परिवारों को आर्थिक नुकसान हुआ, तो वहीं दूसरी ओर पालकों को अब भेड़-बकरियों के पालन की ¨चता भी सताने लगी है। उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस आगजनी की घटना में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए। बांका ने कहा कि गद्दी समुदाय के लोग सालों से अपने पशुओं को लेकर आते हैं और लगभग तीन-चार माह यहीं पर चराते रहते हैं। यह प्रथा आज भी निरंतर है, पर ऐसी घटना से क्षेत्रवासी भी गमगीन हैं।

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