नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश सरकार इन दिनों नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रही है. लेकिन कांग्रेस इसे दिखावा करार दे रही है.
बीजेपी नेताओं पर संगीन आरोप
गुरुवार को कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने इस यात्रा का दिखावा बताया. उनका आरोप था कि राज्य सरकार के नेता और उनके रिश्तेदार बड़े पैमाने पर अवैध खनन में शामिल हैं. उनकी मानें तो अनूपपुर, डिंडौरी, सीहोर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद और जबलपुर के इलाकों में अवैध खनन सबसे ज्यादा फैला हुआ है और इसे पूरी तरह नेताओं का संरक्षण हासिल है. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ऐसे बीजेपी नेताओं की लिस्ट भी जारी की जिनके रिश्तेदारों के नाम पर खदानें चल रही हैं.
गुरुवार को कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने इस यात्रा का दिखावा बताया. उनका आरोप था कि राज्य सरकार के नेता और उनके रिश्तेदार बड़े पैमाने पर अवैध खनन में शामिल हैं. उनकी मानें तो अनूपपुर, डिंडौरी, सीहोर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद और जबलपुर के इलाकों में अवैध खनन सबसे ज्यादा फैला हुआ है और इसे पूरी तरह नेताओं का संरक्षण हासिल है. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ऐसे बीजेपी नेताओं की लिस्ट भी जारी की जिनके रिश्तेदारों के नाम पर खदानें चल रही हैं.
कैसे बचेगी नर्मदा?
पटवारी का कहना था कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के कहने के बावजूद शिवराज सिंह चौहान की सरकार नर्मदा नदी में भारी वाहनों पर पाबंदी नहीं लगा सकी है. पटवारी के मुताबिक नर्मदा नदी के किनारे जितनी वैध खदानें हैं, उससे कहीं ज्यादा अवैध खदानें चल रही हैं. उन्होंने दावा किया कि अमरकंटक से लेकर होशंगाबाद तक नर्मदा किनारे रेत खनन के लिए जितनी जगह दी गई थी, उससे कई गुना ज्यादा बड़े इलाके में खनन जारी है.
पटवारी का कहना था कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के कहने के बावजूद शिवराज सिंह चौहान की सरकार नर्मदा नदी में भारी वाहनों पर पाबंदी नहीं लगा सकी है. पटवारी के मुताबिक नर्मदा नदी के किनारे जितनी वैध खदानें हैं, उससे कहीं ज्यादा अवैध खदानें चल रही हैं. उन्होंने दावा किया कि अमरकंटक से लेकर होशंगाबाद तक नर्मदा किनारे रेत खनन के लिए जितनी जगह दी गई थी, उससे कई गुना ज्यादा बड़े इलाके में खनन जारी है.

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