रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड में तर्पण कुंड के पास खुदाई में एक नर कंकाल मिला है। पुलिस इसका डीएनए सैंपल लेकर अंतिम संस्कार की कार्रवाई में जुटी हुई है।
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड में तर्पण कुंड के पास खुदाई में एक नर कंकाल मिला है। पुलिस इसका डीएनए सैंपल लेकर अंतिम संस्कार की कार्रवाई में जुटी हुई है।
इन दिनों गौरीकुंड में निर्माण कार्य चल रहा है। आज दोपहर खुदाई के दौरान तप्त कुंड के पास एक नर कंकाल मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में लिया। पुलिस अधीक्षक पीएल मीणा ने बताया कि कंकाल का डीएनए सैंपल लिया जा रहा है। इसके बाद कंकाल का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
अब तक मिल चुके है 610 नर कंकाल
नर कंकाल के मिलने की बात करें तो 16 जून वर्ष 2013 की आपदा के बाद से गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक पैदल मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कंकाल के मिलने का सिलसिला बना हुआ है। आपदा के बाद गौरीकुंड के आस पास व केदारनाथ में सबसे अधिक नर कंकाल मिले हैं। हालांकि, केदारनाथ में नर कंकाल मलबे व भवनों के अंदर दब हुए मिले, जबकि गौरीकुंड से आगे केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी में एक साथ 20 से अधिक नर कंकाल मिले थे, जबकि भीमबली के पास के जंगल में भी 50 से अधिक नर कंकाल मिले। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी नर कंकाल मिल हैं, अब तक केदारनाथ से लेकर सोनप्रयाग तक कुल 610 नर कंकाल मिल चुके हैं।
इन दिनों गौरीकुंड में निर्माण कार्य चल रहा है। आज दोपहर खुदाई के दौरान तप्त कुंड के पास एक नर कंकाल मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में लिया। पुलिस अधीक्षक पीएल मीणा ने बताया कि कंकाल का डीएनए सैंपल लिया जा रहा है। इसके बाद कंकाल का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
अब तक मिल चुके है 610 नर कंकाल
नर कंकाल के मिलने की बात करें तो 16 जून वर्ष 2013 की आपदा के बाद से गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक पैदल मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कंकाल के मिलने का सिलसिला बना हुआ है। आपदा के बाद गौरीकुंड के आस पास व केदारनाथ में सबसे अधिक नर कंकाल मिले हैं। हालांकि, केदारनाथ में नर कंकाल मलबे व भवनों के अंदर दब हुए मिले, जबकि गौरीकुंड से आगे केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी में एक साथ 20 से अधिक नर कंकाल मिले थे, जबकि भीमबली के पास के जंगल में भी 50 से अधिक नर कंकाल मिले। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी नर कंकाल मिल हैं, अब तक केदारनाथ से लेकर सोनप्रयाग तक कुल 610 नर कंकाल मिल चुके हैं।

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