बाजार में प्रचलित 10 रुपए के सभी सिक्के असली हैं। कोई भी सिक्का नकली नहीं है। यह जानकारी शनिवार को एसबीआई की उदावतगंज शाखा के प्रभारी मनोहरलाल चौधरी ने मामले की तफ्तीश करने बैंक में पहुंचे टीआई जेएल सुंदरे को दी। टीआई को एसडीएम ऋषि गर्ग ने मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए थे। बैंक के शाखा प्रभारी ने इस बारे में आरबीआई से भी बात की और बताया कि बाजार में कोई नकली सिक्का प्रचलन में नहीं है। जो अफवाह फैली है, वह नए और पुराने सिक्कों को लेकर है। पिछले दिनों वाट्सएप पर आए एक मैसेज के बाद से शहर में 10 रुपए के सिक्कों के नकली होने की अफवाह फैल गई। जिसके बाद से दुकानदारों और ग्राहकों के बीच इन सिक्कों को लेकर लगातार विवाद हो रहे थे। दैनिक भास्कर ने 4 नवंबर 2016 के राजगढ़-ब्यावरा अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।
अब- स्थिति पूरी तरह साफ है। अगर अब भी कोई व्यक्ति 10 के सिक्कों को नकली कहकर लेने से मना करता है तो उसकी सीधी शिकायत पुलिस थाने में की जा सकती है। आरोप साबित होने पर व्यक्ति पर भारतीय मुद्रा के अपमान का मामला दर्ज हो सकता है।
इसे भी जानिए
बैंक में जानकारी लेने पहुंचे टीआई को बैंक शाखा प्रबंधक ने बताया कि 10 रुपए के एक नकली सिक्के को बनाने में कम से कम 40 रुपए का खर्च आएगा। ऐसा कोई नहीं करेगा। वैसे भी आरबीआई ने किसी भी तरह के सिक्के को नकली घोषित नहीं किया है।
अब- स्थिति पूरी तरह साफ है। अगर अब भी कोई व्यक्ति 10 के सिक्कों को नकली कहकर लेने से मना करता है तो उसकी सीधी शिकायत पुलिस थाने में की जा सकती है। आरोप साबित होने पर व्यक्ति पर भारतीय मुद्रा के अपमान का मामला दर्ज हो सकता है।
इसे भी जानिए
बैंक में जानकारी लेने पहुंचे टीआई को बैंक शाखा प्रबंधक ने बताया कि 10 रुपए के एक नकली सिक्के को बनाने में कम से कम 40 रुपए का खर्च आएगा। ऐसा कोई नहीं करेगा। वैसे भी आरबीआई ने किसी भी तरह के सिक्के को नकली घोषित नहीं किया है।

0 टिप्पणियाँ