अमरीका ने जारी की 210 नामों की 'पुतिन लिस्ट'

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि अमरीका ने क्रेमलिन से निकटता रखने वाले रूसी अधिकारियों और व्यवसायियों की जो सूची प्रकाशित की है, उसमें प्रभावी रूप से सभी रूसी लोगों को निशाना बनाया गया है.

अमरीका की ये सूची प्रतिबंधों से संबंधित एक कानून का हिस्सा है जिसका उद्देश्य अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित तौर पर रूस की दखलंदाज़ी के लिए सज़ा देना है. इसमें कुल 210 रूसी नागरिकों के नाम हैं.

हालांकि, अमरीका ने कहा है कि जिनके नाम सूची में हैं, उन पर नए प्रतिबंध नहीं लगाए जाएंगे.

इस सूची पर पुतिन ने कहा कि ये दोस्ताना हरकत नहीं हैं और इससे अमरीका और रूस के संबंध और जटिल बनेंगे. हालांकि, पुतिन का कहना है कि वो इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते.

पुतिन ने कहा कि रूस को इसकी बजाय "ख़ुद पर और अर्थव्यवस्था" पर ध्यान देना चाहिए.

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इमेज कॉपीरइटEPA/MAXIM SHIPENKOVImage captionइस सूची में रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेद्वदेव भी हैं

अमरीका ने सूची जारी क्यों की?

बीते साल अगस्त में अमरीकी कांग्रेस ने 'द काउंटरिंग अमेरिकास एडवर्सेरिज़ थ्रू सैन्क्शन्स ऐक्ट (सीएएटीएसए)' पारित किया, जिसके बाद सरकार को एक सूची तैयार करनी थी.

रूस को साल 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने और यूक्रेन में उसकी हरकतों के लिए सज़ा देना इस कानून का उद्देश्य था.

कांग्रेस चाहती थी कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाले लोगों के नाम ज़ाहिर किए जाएं ताकि उनके नाम को नोटिस बोर्ड पर लगा कर उन्हें शर्मसार किया जाए और ये बताया जाए कि भविष्य में उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया है लेकिन वह सीएएटीएस ऐक्ट का समर्थन नहीं करते. ट्रंप इस कनून को "असंवैधानिक" कह चुके हैं.

कानून के तहत, इस सूची को सोमवार तक तैयार कर लिया जाना चाहिए था. इसे आधी रात के करीब 10 मिनट पहले जारी किया गया जो इस बात की ओर इशारा है कि ट्रंप इसे लेकर ख़ुश नहीं हैं और रूस या रूस के लोगों पर और प्रतिबंध लगा कर उन्हें सज़ा नहीं देना चाहते.

लेकिन विदेश मामलों की समिती के एक डेमोक्रेटिक सदस्य एलियट एंजेल का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन वो रूस के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और "उन्हें सज़ा नहीं दे रहे."

कौन से नाम हैं सूची में?

इमेज कॉपीरइटYURI KOCHETKOV/AFP/GETTY IMAGESImage captionसंघीय सुरक्षा सेवा यानी एफएसबी के प्रमुख अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव

अनौपचारिक रूप से "पुतिन सूची" के नाम से पहचाने जानी वाली इस सूची में 210 नाम हैं. इनमें से 114 या तो सरकार में हैं या उस सरकार से जुड़े हैं, और कुछ व्यवसायी हैं. इनमें 96 ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो रूसी सरकार से निकटता का कारण नहीं बल्कि इस कारण इस सूची में शामिल किए गए हैं क्योंकि उनकी संपत्ति एक खरब डॉलर से अधिक है.

इस सूची में पुतिन के लंबे समय तक सहयोगी रहे लोगों के नाम हैं जिनमें से कई सुरक्षा अधिकारी हैं. इसमें संघीय सुरक्षा सेवा यानी एफएसबी (जिसे कभी पुतिन चलाते थे) के प्रमुख अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव और विदेशी ख़ुफ़िया सेवा यानी एसवीआर के सर्गेई नारिश्किन शामिल हैं.

रूस के ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण रखने वाले गैज़प्रॉम प्रमुख अलेक्सेई मिलर, रोज़नेफ़्ट के प्रमुख इगोर सेशिन और तेल और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य अधिकारी और बैंक अधिकारी यूरी कोवालचुक के नाम शामिल हैं.

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इमेज कॉपीरइटREUTERS/MARCO BELLOImage captionतेल कंपनी रोज़नेफ़्ट के प्रमुख इगोर सेशिन

किरिल शैमलोव का नाम भी इसमें शामिल है जिन्हें कथित तौर पर राष्ट्रपति पुतिन का दामाद बताया जाता है. रूसी सरकार ने कभी भी कैटरीना तिखोनोवा से उनकी शादी या फिर कैटरीना के पुतिन की बेटी होने की पुष्टि नहीं की है.

जाने-माने धनी व्यक्ति जैसे अंग्रेज़ी फुटबॉल क्लबों में हिस्सेदारी रखने वाले अलिशेर उस्मानोव और रोमन एब्रामोविच के नाम भी इस सूची में शामिल हैं. अलिशेर उस्मानोव की आर्सेनल टीम में हिस्सेदारी है जबकि रोमन एब्रामोविच ने चेल्सी टीम में निवेश किया है.

रूस की प्रतिक्रिया?

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने सभी राजनीतिक प्रतिनिधियों के नामों के इस सूची में रखे जाने की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि "असल में सभी 14.6 करोड़ रूसी नागरिकों को ही इस सूची में रख दिया गया है."

उन्होंने तंज़ कसा कि, "केवल मेरा नाम ही है जो इस सूची में नहीं है."

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इमेज कॉपीरइटREUTERS/SERGEI KARPUKHINImage captionदिमित्री पेस्कोव

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का नाम भी इस सूची में है. उन्होंने स्वीकार किया कि फिलहाल यह उन पर प्रतिबंधों जैसा नहीं है लेकिन इससे उन लोगों की "छवि और प्रतिष्ठा" को नुकसान पहुंच सकता है जिनके नाम इस सूची में हैं.

उन्होंने कहा, "ये पहली बार नहीं है जब हमारे ख़िलाफ़ आक्रामक टिप्पणियां की गई हैं, इसीलिए हमें इस पर अधिक ध्यान नहीं देना चाहिए."

सीएएटीएस ऐक्ट के पारित किए जाने के वक्त रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेद्वेदेव ने कहा था की इस कानून को पास करने का मतलब है कि अमरीका रूस के ख़िलाफ़ "बड़े पैमाने पर ट्रेड वॉर" की घोषणा कर रहा है.

रूसी विपक्षी नेता अलेक्सेई नवाल्नी ने इस सूची की प्रशंसा की है और इसे एक "अच्छी सूची" कहा है.

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