नई दिल्ली (29 अक्टूबर): भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच एलओसी पर दोनों तरफ से आए दिन फायरिंग हो रही है। भारतीय बार्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स के जवान पाकिस्तानी रेंजर्स को मुहंतोड़ जवाब दे रहे हैं। फिर भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। यही कारण है कि अब नौसेना भी पूरी तरह अलर्ट पर है।
सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना भी पूरी तरह से अलर्ट पर है। सेना की पश्चिमी कमान ने इस बार नवम्बर में होने जा रहे अरब सागर की मॉक ड्रिल को बड़े पैमाने पर करने का निर्णय लिया है। ये एक तरह से शक्ति प्रदर्शन होगा और पाकिस्तान के लिए एक संकेत भी होगा कि अब हालात और बिगड़े तो नौसेना भी तैयार है।
अरब सागर में नवम्बर में होने जा रहे इस शक्ति प्रदर्शन में 40 से अधिक युद्धपोत, सबमरीन और मेरीटाइम फाइटर जेट, पेट्रोल एयरक्राफ्ट और ड्रोन हिस्सा लेंगे। नेवी के सीनियर आफिसरों की देखरेख में इस एक्सरसाईज को अंजाम दिया जायेगा। ये एक्सरसाईज इस लिए खास है क्योंकि इससे नेवी अपनी तैयारी का जायजा तो लेगी ही दुश्मन मुल्क को अपनी ताकत का अहसास कराएगी।
सेना द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस तरह से पाकिस्तान की तरफ से 57 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। उससे दोनों तरफ तनाव बढ़ा हुआ है। इसको देखते हुए नौसेना पूरी तरह से तैयार रहना चाहती है और ये मॉक ड्रिल उसी तैयारी का हिस्सा होगा।

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