भोपाल। भोपाल के बरखेड़ी में सब्जी लेकर घर लौट रही 19 साल की पीड़िता के साथ मोहल्ले में ही रहने वाले एक लड़के ने छेड़छाड़ की। दोनों के बीच संघर्ष हुआ,लड़की के कपडे फाड़ डाले, गाल पर ब्लैड मार दिया। लेकिन पब्लिक सिर्फ तमाशा देखती रही। किसी ने मदद नहीं की। यहां तक कि किसी ने पुलिस को फ़ोन तक नहीं किया।
भोपाल समाचार के अनुसार, आरोपी ने भरे बाजारमें लड़की का हाथ पकड़ लिया। रेशमा (बदला हुआ नाम) के विरोध करने पर लड़का उसके कपड़े फाड़ने लगा। इस पर रेशमा ने उसे चांटा मार दिया। उस वक्त तो वह चला गया, लेकिन कुछ देर बाद लौटा और उसके गाल पर ब्लेड से हमला कर जख्मी कर दिया। पब्लिक मूक दर्शक बनी रही कोई भी रेशमा की मदद के लिए आगे नहीं आया. इस दौरान रेशमा की बहन ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे भी धक्का देकर नीचे गिरा दिया।
इतना ही नहीं उसने धमकी भी दी कि अगर पुलिस में शिकायत की तो चेहरे पर तेजाब फेंक दूंगा। रेशमा और उसकी बहन मदद के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। बाद में वे दोनों थाने पहुंची। फिलहाल विक्टिम काटजू हॉस्पिटलमें इलाज किया जारहा है। उसके चेहरे पर 10 टांके आए हैं।
जहांगीराबाद टीआई पीएस ठाकुर के अनुसार, फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के पुराने मामलों की जांच भी की जा रही है। वारदात के वक्त उसके साथ और कौन था? इसकी पूछताछ की जा रही है।
सवाल यह है कि इस तरह की घटनाएँ लोगों के नज़रों के सामने घटती है,लेकिन वह पीड़ित की मदद के लिए आगे आना क्यों नहीं चाहते, क्या कानून वयवस्था और पुलिस की कार्य शैली से लोग इतने भयभीत हैं कि वह इन मामलों में पड़ना नहीं चाहते, इस पर हमें जरूर विचार करना चाहिए।
सवाल यह है कि इस तरह की घटनाएँ लोगों के नज़रों के सामने घटती है,लेकिन वह पीड़ित की मदद के लिए आगे आना क्यों नहीं चाहते, क्या कानून वयवस्था और पुलिस की कार्य शैली से लोग इतने भयभीत हैं कि वह इन मामलों में पड़ना नहीं चाहते, इस पर हमें जरूर विचार करना चाहिए।

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