नोटों की अदला-बदली पर आरबीआई ने दिए निर्देश



मुंबई: 1,000 रपये और 500 रपये के  नोट को अवैध करने की सरकार की घोषणा के बाद मोनेटरी ऑथोरीटी (मौद्रिक अधिकारियों) ने इस पर विस्तृत चर्चा की है.
500 रपये के एक नोट के बदले 100-100 रपये के पांच नोट मिलेंगे
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि इस प्रतिबंध के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण अधिक मूल्य के जाली नोटों का बढ़ना और व्यवस्था में अधिक कालाधन का होना है. लेकिन साथ ही आरबीआई ने जनता को यह आश्वासन भी दिया कि एक व्यक्ति जितने अधिक मूल्य की कैश बदलता है, उसे उतने ही मूल्य के नोट अधिक मात्रा में मिलेंगे. मतलब 500 रपये के एक नोट के बदले उसे 100-100 रपये के पांच नोट मिलेंगे.
कैश में सिर्फ 4,000 रुपये मिलेंगे, जिनके पास खाता नहीं है वे केवाईसी पेपर के जरिए खाता खोल सकते हैं
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘एक व्यक्ति को कैश में 4,000 रपये तक ही मिलेंगे और इससे उपर की रकम उसके खाते में जमा कर दिए जाएंगे और वह पूरी की पूरी रकम कैश में नहीं पा सकता. पुराने नोटों को आरबीआई के 19 कार्यालयों के अलावा किसी भी बैंक में बदले जा सकते हैं.’ जिन्हें 4,000 रपये से अधिक की कैश की जरूरत है, वह चेक या इलेक्ट्रानिक माध्यमों जैसे आनलाइन बैंकिंग, मोबाइल वालेट, आईएमपीएस, क्रेडिट.डेबिट कार्ड आदि के जरिये इसका भुगतान कर सकता है. जिनके पास कोई बैंक खाता नहीं है, वे आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों के साथ एक खाता खोल सकते हैं.
18 नवंबर तक एक कार्ड से 2,000 ही निकाले जा सकते हैं
जिस व्यक्ति के पास अपना खुद का निजी खाता नहीं है, वह रिश्तेदार या मित्र के खाते के जरिये नोटों को बदलने की सुविधा ले सकता है. लेकिन इसमें शर्त है कि उसे लिखित अनुमति लेनी होगी और नोट बदलते समय उसे खाताधारक द्वारा दी गई अनुमति का प्रमाण और अपना वैध पहचान प्रमाण उपलब्ध कराना होगा. एटीएम से ट्रांजेक्शन मामले में आरबीआई ने कहा कि बैंकों को एटीएम में नए नोट डालने में थोड़ा समय लगेगा. जब एक बार एटीएम काम करना शुरू हो जाएगा तब 18 नवंबर तक एक आदमी, एक कार्ड से हर रोज 2,000 रपये निकाल सकता है. इसके बाद यह सीमा बढ़ाकर प्रतिदिन प्रति कार्ड 4,000 रपये कर दी जाएगी.
24 नवंबर तक चेक के जरिए एक दिन में 10,000 रपये और एक सप्ताह में सिर्फ 20,000 रपये ही निकाले जा सकेंगे
इसी तरह, चेक के जरिए एक दिन में 10,000 रपये और एक सप्ताह में सिर्फ 20,000 रपये ही निकाले जा सकेंगे. यह सीमा 24 नवंबर तक है. हालांकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की कोई लिमिटेशन नहीं है. यह स्कीम 30 दिसंबर, 2016 को बंद हो जाएगी. उसके पहले कोई भी व्यक्ति अवैध नोटों को कॉमर्सियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों की शाखाओं और विशेष आरबीआई काउंटरों से बदल सकता है.
ऐसा करने में विफल रहने वालों को आरबीआई के निर्धारित कार्यालयों में एक सीमित अवसर की पेशकश की जाएगी. जो लोग देश से बाहर हैं, वे देश में किसी अन्य व्यक्ति को रिटेन में ऑथोराइज्ड कर (लिखित में अधिकृत कर) नोटों को अपने खातों में जमा करवा सकते हैं. अधिक सूचना आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

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